टूटी-फूटी

एक गृहिणी की डायरी...

Showing posts with label सोशल डिस्टेंसिंग. Show all posts
Showing posts with label सोशल डिस्टेंसिंग. Show all posts
Monday, April 20, 2020

लॉकडाउन में अच्छे हैं

›
लॉकडाउन से पूर्व सुबह-सुबह किचेन में घुसने पर पूरा सिंक जूठे बर्तन से भरा मिलता था। कामवाली के इंतजार में किसी तरह एक कप चाय बनाकर धीरे-धीरे...
›
Home
View web version

परिचय बस इतना सा...

My photo
रचना त्रिपाठी
माँ-बाप के दिये संस्कारों के सहारे विज्ञान वर्ग से स्नातकोत्तर तक पढ़ाई करने के बाद उन्हीं के द्वारा खोजे गये जीवन साथी के साथ दो बच्चों को पालने-पोसने में अभी तक व्यस्त रही हूँ ...और सन्तुष्ट भी। नौकरी करना है कि नहीं, इस विषय में सोचने की फुरसत अभी तक नहीं मिल पायी; और जरूरत भी नहीं महसूस हुई। लेकिन अब जब बच्चे बड़े हो जाएंगे, तो समय के अच्छे सदुपयोग के लिए कुछ नया काम ढूँढना पड़ेगा। शायद एक खिड़की इस ब्लॉग जगत की ओर भी खुलती है...।
View my complete profile
Powered by Blogger.