एक गृहिणी की डायरी...
हम ताली बजायेंगे तब, जब तुम भागोगी! तुम आजाद हो भागो, तेज भागो, और तेज भागो, हम गर्व करेंगे तुम्हारे भागने पर, शोर-शराबे भी करेंगे, ताली भी खूब बजायेंगे, जब तुम भागोगी, पर ऐसे नहीं हमारी, द्युतिचन्द की तरह।
(रचना त्रिपाठी)
आपकी शालीन और रचनात्मक प्रतिक्रिया हमारे लिए पथप्रदर्शक का काम करेगी। अग्रिम धन्यवाद।
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