टूटी-फूटी
एक गृहिणी की डायरी...
Saturday, January 2, 2021
आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम गुज़रा ज़माना बचपन का—
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नए साल का पहला दिन। शीत लहर की वजह से पड़ती कड़ाके की ठंड। घर के पीछे वाले अहाते ( खिरकी ) में सुबह से एक बड़े से ह...
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Thursday, August 27, 2020
दहिजरा कोरोना : भाग-2 (बारी में गारी)
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(फोन पर सुनी लाइव कमेंट्री) आज गांव के बगइचा में तमासा लगा है। इसके आगे बम्बइया सिनेमा और नौटंकी फेल है। थाने से हल्का वाले सिपाही भी पहुँच ...
Sunday, August 23, 2020
दहिजरा कोरोना-1 (कोठरी में संडास)
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बड़की माई के घर में भितरे-भीतर रोज कुछ न कुछ खटर-पटर लगा हुआ है। वर्षों से बूढ़ा-बूढ़ी का जीवन गाँव में अपनी छोटकी पतोह के साथ बड़े मजे में कट र...
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Friday, July 24, 2020
कम-अक्ल औरतें भी न...
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व्यर्थ जल रही बिजली और पंखों का स्विच बार-बार ऑफ कर देती हैं! कम-अक्ल औरतें भी न हद करती हैं। घिसा हुआ साबुन टूथ पेस्ट की पिचकी हुई ट्...
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Friday, June 5, 2020
पीढ़ियाँ
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हर साल की तरह इस बार भी होली की छुट्टी में पंडित केशरी नाथ दूबे के घर में चहल-पहल बढ़ गयी थी। गाँव के लोग उन्हें केसरी बाबा के नाम से जानते त...
Monday, May 18, 2020
सन्नाटा
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आज दैनिक जागरण 'साहित्यिक पुनर्नवा' में छपी लखुकथा 'सन्नाटा' अपनी सामंती कुलीनता बोध से प्रेरित मालकिन जब भी झाड़...
Friday, May 15, 2020
नज़रबट्टू
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दैनिक भास्कर के 'मधुरिमा' में छपी मेरी कहानी 'नजरबट्टू' पिछले कितने ही वर्षों की घटनाएं, किसी फिल्म...
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