टूटी-फूटी
एक गृहिणी की डायरी...
Tuesday, November 26, 2013
समाज का अपराध
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कुछ अपराध ऐसे होते है जिसका कूसूरवार सिर्फ उस घटना को अंजाम देने वाला ही नहीं बल्कि उसका पूरा परिवार और कभी-कभी तो हमारा समाज भी होता है...
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Tuesday, November 19, 2013
गिफ्ट कहो या तिहवारी बात बराबर है…
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तिहवारी देने का प्रचलन हमारी सदियों पुरानी परंम्परा से चला आ रहा है। घर में काम करने वाले नौकर-चाकर, धोबी-मोची, स्वीपर आदि छोटे कर्मचारियों ...
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Friday, November 15, 2013
जुबान जो संभलती नही…
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चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। वह देश के बारे में नहीं सोच सकता। आजादी के बाद हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दावा भले ह...
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Monday, October 28, 2013
नक्कारों की फौज भर्ती को तैयार…
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प्रदेश सरकार की मेहरबानियों पर पलता-बढ़ता हमारा समाज और इस समाज के युवा वर्ग की हालत देखकर मन उद्विग्न है। यह प्रचार हो रहा है कि उनकी पढ़ाई क...
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Wednesday, October 16, 2013
गरीबों के अनाज पर डाका..
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खाद्य सुरक्षा कानून पर महामहिम के दस्तखत की स्याही अभी सूखी भी नहीं होगी कि इसके माध्यम से मिलने वाले सस्ते अनाज की कालाबाजारी की खबरें न्यू...
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Thursday, October 10, 2013
राजनीति अब शरीफों के लिए नहीं रही...
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राजनीति का मंच सार्वजनिक होता है... आखिर यह लोकतंत्र जो है. देश के हर नागरिक को राजनीति के क्षेत्र में भाग्य आजमाने का अधिकार है। सत्ता ...
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Tuesday, October 1, 2013
बंदर के हाथ में बंदूक..
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हालत दिनों-दिन बिगड़ती नजर आ रही है। इसके लिए जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ प्रदेश सरकार की बचकानी और संकुचित सोच है। ...
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