टूटी-फूटी
एक गृहिणी की डायरी...
Thursday, July 25, 2013
लोक सेवकों की आपराधिक लापरवाही
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राज्य सरकार को कहें या संबंन्धित विभागीय अधिकारियों को सभी गान्धीजी के बन्दर हो गये हैं। नाक, कान और आँख सब बंद कर के बैठे हुए है। इनके दिमा...
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Saturday, July 20, 2013
हॉट कुक्ड फूड : पैरासाइट बनाने की नर्सरी
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बिहार के छपरा जिले में बच्चों को दिये जाने वाले मिड डे मील खाने के कारण हुए हादसे से नसीहत लेते हुए राज्य सरकार कुछ नये तरीके पर हाथ आजमाने ...
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Monday, July 8, 2013
लंपट के नाम एक संदेश
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बहुत दिनो से मन में कुछ सवाल उमड़-घुमड़ रहे हैं। सोच रही हूँ इसे निकाल ही दूं..। सत्याथमित्र पर पोस्ट की गयी कहानी ‘लंपट’ के मुख्य पात्र प्रो...
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Thursday, December 23, 2010
दुनियादारी के दबाव में डगमगाता आत्मविश्वास
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मेरी बचपन की सहेली ने, अपनी एक विचित्र समस्या से निज़ात पाने के लिए मुझे फोन किया और कहा,“ रचना! मेरे घर के सामने एक औरत आकर बस गयी है जो बहु...
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Saturday, December 11, 2010
राम दुहाई राम दुहाई राम दुहाई भाई जी
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आज अचानक कैलाश गौतमजी की एक कविता हाथ लग गयी। इसे पढ़कर मैं हैरत में पड़ गयी। मुझे नहीं मालूम कि इसे किस संदर्भ में उन्होंने लिखा था लेकिन मुझ...
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Tuesday, June 8, 2010
क्या उसे मनुष्य और नारी के फर्क की समझ है…?
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हाल ही में गिरिजेश जी ने यह कविता पोस्ट की थी। पढ़ने के बाद से तमाम बातें मन के भीतर गड्डमड्ड होती जा रही हैं- न रो बेटी माँ की डाँट प...
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Saturday, February 13, 2010
न नारी स्वातंत्र्यमर्हति (नारी स्वतंत्र रहने योग्य नहीं है… )!!!
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इस सूक्तिवाक्य को पढ़ने के बाद मैं सन्न रह गयी। मनुस्मृति में एक ओर कहा गया कि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ तो दूसरी ओर नारी...
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